डायट डीएलएड (बीटीसी) बैच 2017-19 शुरूवात से अंत तक। मिशन नियुक्ति। जरूर देखें व पढ़ें।
बीटीसी बैच 2017-19
शुरुवात होती है 2017 से जब एससीईआरटी विभाग द्वारा कराए गए डीएलएड के एग्जाम की घोषणा की गई। जिसे सुनकर सभी के मन में प्राथमिक शिक्षक बनने की इच्छा पैदा हुई। लगभग 60 से 70 हजार तक बच्चों ने परीक्षा दी जिसमें से 600 बच्चे चुने गए।
इन चुने गए प्रशिक्षितों को प्रत्येक जिले में स्थापित डायट से प्रशिक्षण दिया जाने लगा। 24 माह के प्रशिक्षण में 70000 रुपए व अन्य फीस शामिल की गई थी। प्रशिक्षण काफी कड़ा था जिसमें सुबह 10 बजे से शाम के 5 बजे तक 18 महीनों तक प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें पठन पाठन से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम, साफ सफाई, इनोवेटिव कार्य, आदि चीजें शामिल थी। इसमें स्काउट ट्रेनिंग को भी शामिल किया गया था।
अंतिम 6 माह में स्कूलों में बच्चों के बीच रहकर उन्हें जानने समझने का सभी को अवसर दिया गया। जहां प्रशिक्षितों ने कई सारे इनोवेटिव कार्य किए। सभी ने इसी बीच सीटेट व युटेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली।
प्रक्षिक्षण पूर्ण करने के बाद सभी नियुक्ति की आस में बैठे थे। सभी उत्साहित थे। परंतु विभाग व प्रशासन के रवैए ने उन्हें धरने पे बैठने पर मजबूर कर दिया। प्रशासन की नीरसता के बीच कोरॉना नामक वायरस ने धरने पर भूखे प्यासे घर से दूर बैठे इन प्रशिक्षितों की जिंदगी में दस्तक दी। जिसने उनकी बची आस भी खत्म कर दी।
फिर भी सभी सोशल मीडिया व न्यूज के माध्यम से अपनी बात विभाग व प्रशासन तक पहुंचाते रहे। परंतु मंत्रियों व विभाग के द्वारा उन्हें झूठे आश्वासन दिए गए।
अंत में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महिला प्रशिक्षितों ने मंत्री जी को राखी भेजकर उपहार के रूप में नियुक्ति की मांग की है। देखते हैं मंत्री जी इस पावन त्यौहार का मान रखते हुए उपहार के रूप में नियुक्ति प्रदान करते हैं या नहीं।
धन्यवाद् ।----------------------------मुकुल सिंह अधिकारी।
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